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Message From Chief Editor

Master@Admin

  सफलता का कोई रहस्य नही

         केवल अत्यधिक परिश्रम चाहती है

 

राठौर राजेश रढाईक

मुख्यसम्पदाक आवाज़ जनादेश

बदलते परिवेश और आधुनिकता की होड़ में आज मिडिया बेरोगारो के लिए बरदान साबित हो रहा है पत्रकारिता आज  आजीविका के साथ जीवन के  चित और चरित्र निर्माण का एक अच्छा माध्यम बनता जारहा है इस क्षेत्र  से जुड़े बहुत से जननायक जंहा भारत की गरिमामय पदों पर आसीन हुए है |पत्रकारिता सामाजिक सरोकारों तथा सार्वजनिक हित से जुड़कर ही सार्थक बनती है। सामाजिक सरोकारों को व्यवस्था की दहलीज तक पहुँचाने और प्रशासन की जनहितकारी नीतियों तथा योजनाओं  को समाज के सबसे निचले तबके तक ले जाने के दायित्व का निर्वाह ही सार्थक पत्रकारिता है।

पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा पाया (स्तम्भ) भी कहा जाता है। पत्रकारिता ने लोकतंत्र में यह महत्त्वपूर्ण स्थान अपने आप नहीं हासिल किया है बल्कि सामाजिक सरोकारों के प्रति पत्रकारिता के दायित्वों के महत्त्व को देखते हुए समाज ने ही दर्जा दिया है। कोई भी लोकतंत्र तभी सशक्त है जब पत्रकारिता सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी सार्थक भूमिका निभाती रहे। सार्थक पत्रकारिता का उद्देश्य ही यह होना चाहिए कि वह प्रशासन और समाज के बीच एक महत्त्वपूर्ण कड़ी की भूमिका अपनाये अगर इतिहास पर नजर डाले तो स्वतंत्रता के पूर्व पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता प्राप्ति का लक्ष्य था। स्वतंत्रता के लिए चले आंदोलन और स्वाधीनता संग्राम में पत्रकारिता ने अहम और सार्थक भूमिका निभाई। उस दौर में पत्रकारिता ने पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरोने के साथ-साथ पूरे समाज को स्वाधीनता की प्राप्ति के लक्ष्य से जोड़े रखा।

संचार क्रांति तथा सूचना के आधिकार के अलावा आर्थिक उदारीकरण ने पत्रकारिता के चेहरे को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। इंटरनेट और सूचना के आधिकार (आर.टी.आई.) ने आज की पत्रकारिता को बहुआयामी और अनंत बना दिया है। आज कोई भी जानकारी पलक झपकते उपलब्ध की और कराई जा सकती है। मीडिया आज काभी सशक्त, स्वतंत्र और प्रभावकारी हो गया है। पत्रकारिता की पहुँच और आभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का व्यापक इस्तेमाल आमतौर पर सामाजिक सरोकारों और भलाई से ही जुड़ा है, किंतु कभी कभार इसका दुरपयोग भी होने लगा है।

विज्ञापनों से होनेवाली कमाई ने पत्रकारिता को काफी हद्द तक व्यावसायिक बना दिया है। कल तक  मीडिया का लक्ष्य सामाजिक परिवर्तन का था ये देश के शिक्षित युवाओ की प्रतिभा में भी बरदान साबित हो रहा है |इसी उदेश्य की दूरगामी सोच को लेकर और लम्बे अध्यन के उपरांत  हमने एक पूर्णएवं आधुनिक मिडिया कम्पनी  स्थापित है जिसमे देश के उन प्रतिभावान युवाओं को मंच प्रदान कर उनके सपनों को साकार करने में हमारी भूमिका हो तथा समाज के लिए एक नई सोच के साथ साथ अपनी संस्कृति एवं परिवेश के संरक्षण के साथ बेरोजगार को आत्मनिर्भर कर उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया जा सके |

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