Awaz Jana Desh | awazjanadesh.in
अंतरार्ष्ट्रीय

लश्कर-ए-तैय्यबा सहित 8 गुटों पर विदेशी आतंकवादी संगठन का तमगा बरकरार

आतंकवाद के मसले पर FATF द्वारा ग्रे लिस्ट में शामिल किए जाने के बाद से आर्थिक मार झेल रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को करारा झटका लगा है। अमेरिकी प्रशासन ने लश्कर-ए-तैय्यबा के साथ-साथ सात अन्य आतंकवादी समूहों की समीक्षा की है और उस पर लगाए गए विदेशी आतंकवादी संगठन का तमगा बरकरार रखा है। अमेरिका ने सबसे पहले साल 2001 में लश्कर-ए-तैय्यबा को आतंकवादी संगठन करार दिया था।
यूएस स्टेट डिपार्टमेंट का यह ऑर्डर तब सामने आया है, जब अगले महीने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें इस बारे में चर्चा की जाएगी कि पाकिस्तान ने आतंकी फंडिंग के खिलाफ कितने कड़े कदम उठाए हैं। ग्लोबल वॉचडॉग अब तक इस्लामाबाद के उन तर्कों से सहमत नहीं दिखाई दिया है, जिसमें दावा किया जाता है कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद से जुड़ी फंडिंग पर लगाम कसने के लिए कदम उठाता रहा है। एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा हुआ है। इसकी वजह से दुनियाभर से पाक को मिलने वाली आर्थिक मदद पर चोट पहुंची है। पिछले साल अक्टूबर में हुई अंतिम समीक्षा में एफएटीएफ के अध्यक्ष मार्कस पेलीर ने आगाह किया था कि पाकिस्तान अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए जिंदगीभर का समय नहीं ले सकता है और बार-बार विफल होने के चलते उसे ब्लैकलिस्ट में भी डाला जा सकता है।
दुनियाभर में आतंकवादी हमलों के लिए पाकिस्तान समय-समय पर घेरा जाता रहा है। कई खूंखार आतंकी पाकिस्तान सरकार की शरण में काफी आरामदायक जिंदगी गुजारते हैं। इसकी वजह से भारत-अमेरिका जैसे देशों के सामने पाकिस्तान की छवि लगातार गिरती रही है और उस पर लगभग हर वैश्विक मंच से हमला बोला जाता रहा है।
-ऐजेंसियां

Related posts

‘बेवफ़ा’ निकलीं सिनीनात, थाईलैंड के राजा ने छीना पदनाम

Master@Admin

नेपाली पीएम ने अपने देश की संसद से भारत का प्रस्ताव छिपाया

Master@Admin

अयातुल्लाह ख़ामनेई ने कहा, अमरीका की कठपुतलियां’ ईरान में डर पैदा करना चाहती हैं

Master@Admin

Leave a Comment