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पोप फ्रांसिस ने पादरियों द्वारा किए गए यौन शोषण को लेकर शर्मिंदगी जताई

पोप फ्रांसिस ने कहा है कि वो पादरियों और चर्च के अन्य पदाधिकारियों द्वारा यौन शोषण के “घिनौने अपराधों” से निपटने में कैथोलिक चर्च की नाकामी के कारण शर्मिंदा हैं.
इससे पहले आयरलैंड के प्रधानमंत्री ने पोप को कड़ी चेतावनी दी थी कि बाल शोषण और इसे छिपाए रखने के लिए दोषी पादरियों के खिलाफ कार्यवाही करें.
पोप ने पादरियों द्वारा यौन शोषण के पीड़ितों के साथ नब्बे मिनट बिताए.
39 सालों में पहली बार आयरलैंड में पोप का आगमन हुआ है और वह भी संयोग से ‘वर्ल्ड मीटिंग ऑफ़ फैमिलीज़’ के दौरान. यह एक ऐसा कार्यक्रम होता है जिसमें पूरी दुनिया के कैथोलिक हर तीन साल में एकत्रित होते हैं.
मूल रूप से अर्जेंटीना के पोप ने अपने भाषण की शुरुआत में वह चिट्ठी पढ़ी जो उन्होंने इस हफ़्ते दुनिया के 120 करोड़ रोमन कैथोलिकों को भेजी है. इस चिट्ठी में उन्होंने बाल शोषण और पादरियों द्वारा इसे छिपाए जाने के ‘महापाप’ की निंदा की है.
डबलिन कासल में राजनेताओं और प्रतिनिधियों से पोप ने कहा, “आयरलैंड में चर्च के सदस्यों द्वारा कमउम्र के लोगों का शोषण किया गया, जिनकी सुरक्षा और शिक्षा की ज़िम्मेदारी उन्हीं के ऊपर थी. मैं ऐसा नहीं कर सकता कि इस गंभीर कलंक को अस्वीकार कर दूं.”
उन्होंने कहा, “चर्च प्रशासन- बिशप, पादरियों और अन्यों की इन घिनौने अपराधों को निपटने में नाकामी के कारण नाराज़गी पैदा होने स्वाभाविक है. पूरे कैथोलिक समुदाय को इससे पीड़ा और शर्म का अनुभव हो रहा है. मैं भी ऐसा ही महसूस कर रहा हूं.”
शोषण के बारे में बात करते हुए पोप ने कहा, “मैंने चर्च से इस कलंक को किसी भी कीमत पर जड़ से खत्म कर देने के लिए कड़ी प्रतिबद्धता तय की है.”
आयरलैंड के प्रधानमंत्री की दो टूक
पोप से पहले आरयलैंड के प्रधानमंत्री लियो वराडकर ने कहा कि चर्च, सरकार और पूरे समाज की नाकामी के कारण कई लोगों के लिए कड़वी और बिखरी हुई धरोहर छोड़ी है, दर्द और कष्ट की विरासत छोड़ी है.
आयरलैंड के चर्च से जुड़े कई सारे स्कैंडलों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मैग्दलीन लॉन्ड्रीज़, मातृ एवं शिशु गृह, औद्योगिक विद्यालय, गैरकानूनी रूप से गोद लेने और पादरियों द्वारा बच्चों के शोषण के दाग हमारे देश, हमारे समाज और कैथोलिक चर्च पर लगे हैं.”
“लोगों को अंधेरे कोनों में रखा गया, कमरों में बंद करके रखा गया, मदद की गुहारें अनसुनी रह गईं….. हे परमपिता, मैं तुमसे गुहार लगाता हूं कि पीड़ितों और इन मुश्किलों से जूझकर बचे लोगों की सुनो.”
वराडकर ने कहा कि बच्चों का शोषण करने वाले और इसे संरक्षण देने वालों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस अपनाना होगी और इस इन शब्दों को ज़मीन पर उतारना होगा.
उन्होंने अमरीकी राज्य पेन्सिलवेनिया में हुई एक जांच का हवाला दिया जिसमें 300 पादरियों द्वारा 1000 नाबालिगों के शोषण की बात सामने आई थी.
पोप के बयान पर क्या है प्रतिक्रिया
एमनेस्टी इंटरनैशऩल आयरलैंड के कोम ओगॉर्मन का एक पादरी ने किशोरावस्था में दो साल तक यौन शोषण किया था. उन्होंने कहा कि पोप ने इस मामले पर कुछ खास या असरदार टिप्पणी नहीं की.
“उन्हें हमसे बेबाकी और सफाई से बात करनी चाहिए थी. खुलकर और मानवीय ढंग से बात करनी चाहिए थी.”
संस्थागत शोषण के पीड़ितों और जूझकर बचे लोगों के समूह वाविया ने पोप के वाहन के रास्ते में डबलिन कैसल के बाहर प्रदर्शन किया.
उन्होंने सड़क किनारे बच्चों के जूते रख दिए थे. हर जूता उस बच्चे का प्रतिनिधित्व करता था जिसका पादरियों ने शोषण किया था.
-BBC

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