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दादी अम्मा मान जाओ गीत पर नन्हे बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुति…

दैनिक आवाज जनादेश – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।

नाना -नानी व दादा -दादी के साथ नन्हे बच्चों ने की खूब मस्ती।
नाना -नानी व दादा -दादी के साथ नन्हे बच्चे गीतों पर झूमे।
माँ यशोदा बाल गोपाल वाटिका में कार्यक्रम आयोजित।

कुरुक्षेत्र, 17 सितम्बर : धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की माँ यशोदा बाल गोपाल वाटिका में बच्चों और समाज में बढ़ते हुए जैनरेशन गैप को दूर करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके नगर के कई गणमान्य नौकरी से सेवानिवृत अधिकारी एवं नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में ऐसा मस्ती भरा माहौल था कि अभिभावक ही नहीं बड़े बुजुर्ग एवं नाना -नानी व दादा -दादी सभी मस्ती में झूमे उठे। शानदार प्रस्तुतियां दी गई। नन्हे बच्चें ने दादी अम्मा दादी अम्मा मान जाओ गीत पर तो सभी को भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम में वाटिका की प्रिंसिपल राज पंवार ने कहा कि आजकल जनरेशन गैप आजकल बढ़ता जा रहा है। दादी और पोती के बीच के जनरेशन गैप को दूर करने के लिए ही संस्थान में दादियों और पोते पोतियों को बुलाया गया है। प्रयास है कि दादा दादियों और पोते पोतियों में प्यार बढ़े। दोनों पीढ़ियों के बीच आपसी नजदीकियां बढ़ सकें। इस मौके पर सभी अभिभावकों एवं बुजुर्गों ने काफी साथ दिया।
दादा दादियों और पोते पोतियों को एकसाथ देख कर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा माँ यशोदा बाल गोपाल वाटिका का इसी उद्देश्य से खोला गया था कि सभी माताओं में माँ यशोदा एवं बच्चों में गोपाल श्री कृष्ण की भावना आए। सेवानिवृत जिला जनसम्पर्क अधिकारी बलबीर सिंह ने कहा कि माँ यशोदा बाल गोपाल वाटिका में आकर काफी खुशी मिली कि यहां जो ग्रैंड पेरेंट्स डे मनाया गया। इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों के सर्वांगीण विकास में भी लाभ मिलता है। आज स्थिति यह है कि हर व्यक्ति अपने आयु वर्ग में ही रह कर खुश होता है। इसी से जनरेशन गैप बढ़ता है लेकिन यहां पर बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास के लिए गतिविधियां चलाई जा रही हैं। प्रेरणा संस्था की अध्यक्षा रेणु खुंगर ने कहा कि सेवानिवृति के बाद कुछ बुजुर्ग डिप्रेशन में चले जाते हैं लेकिन माँ यशोदा गोपाल वाटिका ने इस तरह का कार्यक्रम आयोजित कर सराहनीय कार्य किया है। माँ यशोदा और बाल गोपाल की भावना का भी अच्छा संदेश दिया जा रहा है। बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार दिए जा रहे हैं। संस्थान में पारिवारिक माहौल दिया जा रहा है। बुजुर्ग भी सेवानिवृत होने के बाद बच्चों से जुड़ें। शिक्षा विभाग से सेवानिवृत अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक कलाकार बृज शर्मा ने कहा कि उन्हें सौभाग्य से ऐसे कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिला है। यह संस्था वास्तव में एक मंदिर है। इस मंदिर में छोटे बच्चों के साथ अभिभावक दादा दादियों, नाना नानियों के साथ झूमने एवं विचारों को सांझा करने का मौका मिला। शर्मा ने समाज को समर्पित प्रिंसिपल राज पंवार की सराहना की।

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