Awaz Jana Desh | awazjanadesh.in
खबरें

कुरुक्षेत्र के गुरुकुल में प्राकृतिक खेती का मॉडल देखने पहुंचे गुजरात के मुख्यमंत्री…

प्राकृतिक खेती पर गुजरात के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री के बीच हुआ मंथन।

दैनिक आवाज जनादेश – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।

गुरुकुल के प्राकृतिक कृषि फार्म का मुख्य अतिथियों ने किया दौरा।

कुरुक्षेत्र 16 सितंबर : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को कुरुक्षेत्र के गुरुकुल में प्राकृतिक खेती के मॉडल पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्राकृतिक खेती के मॉडल को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा शोध करने और इसके विस्तार को लेकर बातचीत की। इस दौरान हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल और गुजरात के कृषि मंत्री राघव पटेल मौजूद रहे।

गौरतलब है कि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल विशेष तौर पर प्राकृतिक खेती के मॉडल को जानने के लिए गुरुकुल कुरुक्षेत्र पहुंचे। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उनका गुरुकुल में पहुंचने पर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद गुजरात के राज्यपाल, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों, हरियाणा के बिजली मंत्री, कृषि मंत्री, हरियाणा सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों और गुजरात के अधिकारियों के साथ प्राकृतिक खेती पर गहन मंथन किया। इसके बाद गुरुकुल के प्राकृतिक कृषि फॉर्म का दौरा कर वहां उगाई जा रही प्राकृतिक फसलों का बारीकी से अवलोकन किया।

गौरतलब है कि प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की जरूरत है। देश और विदेश में इस खेती की तरफ किसानों और उपभोक्ताओं का रुझान बढ़ रहा है। यह खेती न केवल किसानों के लिए लाभदायक है बल्कि इससे पैदा होने वाले कृषि उत्पाद उपभोक्ता के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। क्योंकि कहा भी गया है कि आहार शुद्धौ सत्वशुद्धि: अर्थात शुद्ध आहार से अंतःकरण की शुद्धि होती है। हरियाणा सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से गाय खरीदने पर 25 हजार रुपये की राशि बतौर सब्सिडी दी जा रही है।

प्राकृतिक खेती से किसान समृद्ध और खुशहाल होगा-आचार्य देवव्रत गुजरात के राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत ने कहा कि आज खेती में रासायनिक खाद व कीटनाशक का प्रयोग ज्यादा हो रहा है। इससे जमीन की उपजाऊ शक्ति कम हो रही है। आज हमें प्राकृतिक खेती अपनाने की जरूरत है। इससे किसान की लागत भी शून्य हो जाएगी और पानी का संरक्षण होता है। देसी गाय पर आधारित प्राकृतिक खेती से गाय का भी संरक्षण होता है। इससे पर्यावरण संरक्षण होता है और इस से बना भोजन शुद्ध होता है। किसान की आय बढ़ती है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि भारत का किसान समृद्ध हो और खुशहाल हो, इसलिए हमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है।

प्राकृतिक खेती को अपनाकर जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा-जेपी दलाल

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि हरियाणा और गुजरात ने मिलकर प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए जो आदान-प्रदान किया है, उसे अभियान के रूप में अपनाकर प्रदेशभर में जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती देश के किसान के लिए जीवनदायिनी बन रही है। इससे उत्पन्न होने वाला अनाज, फल, सब्जी आदि सभी उत्पाद लोगों के लिए बहुत ही लाभकारी है। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए जो निर्णय लिया है, वह काबिले तारीफ है और हरियाणा सरकार इसको लेकर बेहद गंभीर है। गुजरात के राज्यपाल ने प्राकृतिक खेती का बीड़ा उठाकर किसानों की आमदनी बढ़ाने का जो लक्ष्य दिया है, हरियाणा सरकार उसे हर संभव तरीके से पूरा करेगी।

Related posts

बलि का अहंकार तोडऩे के लिए अवतरित हुए थे वामन अवतार : आचार्य शुकदेव…

Editor@Admin

ननहार में क्लब द्वारा किया गया प्रतियोगिता का आयोजन…

Editor@Admin

हिमाचल में भी लंपी वायरस का कहर 2630 गौवंश की गई जान, खतरे में 35,147 पशुधन, गौ वंशों की आंखों में आंसू कुछ तो करो सरकार : अनिल शर्मा…

Editor@Admin

Leave a Comment