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भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला शिमला द्वारा’आजादी का अमृत महोत्सव…

भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला शिमला द्वारा’आजादी का अमृत महोत्सव ‘के अंतर्गत  राजभाषा पखवाडा  के अवसर पर  वीरवार  को गेयटी थियेटर  के  सम्मेलन कक्ष मे जिला स्तरीय अन्तरविद्यालय  राजभाषा प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया गया। जिला भाषा अधिकारी शिमला अनिल हारटा ने जानकारी  देते हुए  बताया कि ‘राष्ट्र निर्माण में राष्ट्र भाषा की भूमिका’ विषय पर आधारित अन्तर विद्यालय निबंध लेखन प्रतियोगिताओं  में आज़ादी प्रथम स्थान ज्योति ,राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पाहल की   ज्योति ने प्रथम खुशी ठाकुर, सेंट थॉमस विद्यालय शिमला द्वितीय,तृतीय स्थान भूमिका  शर्मा, राजकीय आदर्श कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर ने   हासिल  “आज़ादी का अमृत  महोत्सव और  हिन्दी ” विषय पर आधारित भाषण   प्रतियोगिता में भाषण  प्रतियोगिता मे प्रथम मान्या शर्मा, राष्ट्रीय विद्या केंद्र कुसुम्पटी


द्वितीय कशिश, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मैहली, सृष्टि ,राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ढली ने तृतीय स्थान प्राप्त  किया ।प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में
हर्षल सपरा ,डीएवी न्यू शिमला और ज्योति  ,राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय  पाहल संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहे
लक्ष्मी , राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मैहली
कशिश, राजकीय  आदर्श कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर ने भी  संयुक्त रूप  से द्वितीय स्थान ,
कशिश मेहता, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला ने तृतीय स्थान प्राप्त  किया  
इन प्रतियोगिताओं  मे 15 विद्यालयों के विद्यार्थियो ने भाग लिया।
इन प्रतियोगिताओं में  भाषण व निबंध में प्रथम प्रथम  व द्वितीय  तथा  प्रश्नोत्तरी में प्रथम संयुक्त रूप  से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले  विजेताओं का  चयन   12 सितम्बर  को ऐतिहासिक गेयटी थियेटर मे आयोजित  होने  वाली राज्य स्तरीय अन्तरविद्यालय प्रतियोगिताओं के लिए  किया  गया है।
कार्यक्रम के मुख्य  अतिथि के रूप में डा०पुनम ,एसी टू डीसी  शिमला  ने शिरकत की।  उन्होने  सभी  विजेताओं को  प्रशस्तिपत्र  व स्मृति चिन्ह तथा  सभी प्रतिभागियों  को   प्रतिभागिता  प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित  किया।जिला लोक संपर्क अधिकारी संजय सूद  विशेष रूप से उपस्थित  रहे।
आयोजन में  निर्णायक की भूमिका वरिष्ठ साहित्यकार गुप्तेश्वर नाथ उपाध्याय,आत्मा रंजन,डा०कुंवर दिनेश  सिंह,  डा०दिनेशा शर्मा ,भाषा अधिकारी  सुरेश  राणा  ने  निभाई।
इस अवसर पर  एपीआरओ  नितिश पोजटा, रेखा ठाकुर, विनोद  चौहान, शिवम ठाकुर तथा विभिन्न विद्यालयों  के अध्यापक उपस्थित  रहे।

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मुख्यमंत्री ने राज्य को बल्क ड्रग फार्मा पार्क के आवंटन के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया आवाज़ जनादेश/ शिमला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य को बल्क ड्रग फार्मा पार्क आवंटित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है।राज्य को बल्क ड्रग फार्मा पार्क आवंटित करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के लिए राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना का आवंटन वास्तव में एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि यह राज्य में कई वर्षों के लिए फार्मा फॉर्मूलेशन इकाइयों के प्रतिधारण के साथ-साथ स्थानीय रोजगार के अवसर सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों को बल्क ड्रग फार्मा पार्क आवंटित करने का मुख्य उद्देश्य घरेलू निर्माण, दवा सुरक्षा सुनिश्चित करना और चीन पर बल्क ड्रग की निर्भरता कम करना है। जय राम ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 21 मार्च, 2020 को बल्क ड्रग पार्क योजना को मंजूरी दी थी और बाद में 21 जुलाई, 2020 को प्रस्ताव जमा करने के लिए मूल्यांकन मानदंड निर्धारित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए थे। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार भारत सरकार के फार्मा विभाग (डीओपी) द्वारा 1000 करोड़ रुपये की अधिकतम सीमा के साथ परियोजना लागत का 90 प्रतिशत प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना अवधि के दौरान राज्य सरकार ने अपेक्षित भूमि की पहचान करना शुरू कर दिया और जिला ऊना की हरोली तहसील के पोलियां, टिब्बीं, मल्लूवाल में 1,405 एकड़ भूमि का चयन किया गया। उन्होंने कहा कि पार्क की अनुमानित परियोजना लागत लगभग 1200 करोड़ रुपये है, जिसमें से सामान्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए भारत सरकार द्वारा 1000 करोड़ रुपये का वित्त पोषण किया जाएगा और इस पार्क में लगभग 8000 से 10,000 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि इससे लगभग 15 हजार सेे 20 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। फार्मा पार्क के लिए लगभग 100-120 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि निवेश पर उच्च प्रतिलाभ के प्रस्ताव में उपयोगिता शुल्क और अतिरिक्त प्रोत्साहन के रूप में दस साल के लिए 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली, दस साल के लिए शून्य रख-रखाव शुल्क और गोदाम शुल्क के अलावा 33 साल के लिए एक रुपये प्रति वर्गमीटर प्रति वर्ष भूमि दर, स्टाम्प शुल्क में छूट, अधिकतम निवेश के उच्च रिटर्न को सुनिश्चित करने के प्रस्ताव में प्रति वर्ष 51 लाख रुपये तक के सावधि ऋण पर सात प्रतिशत ब्याज सबवेंशन और शुद्ध एसजीएसटी पर 70 प्रतिशत छूट की पेशकश की गई थी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने भारत सरकार को प्रस्ताव प्रस्तुत करने से पहले शीर्ष फार्मा उद्योगों के साथ बातचीत की थी। बल्क ड्रग पार्क का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रस्तुत करने से पहले इसे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा अनुमोदित किया गया था, जिसमें अत्यधिक प्रतिस्पर्धी उपयोगिता दर और उदार प्रोत्साहन की पेशकश की गई थी। मुख्यमंत्री निरन्तर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य मंत्रियों के साथ भी बैठक करते रहे। मुख्यमंत्री के इन प्रयासों के सार्थक परिणाम अब हिमाचल प्रदेश को बल्क ड्रग पार्क के आवंटन के रूप में सामने आए हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में 600 से अधिक फार्मा निर्माण इकाइयां हैं और राज्य में थोक दवा की वार्षिक मांग लगभग 30,000-35,000 करोड़ प्रतिवर्ष है। अब इस पार्क से थोक दवा की मांग को लागत प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सकेगा जो फार्मा निर्माण इकाइयों की उत्पादकता और परिचालन क्षमता को भी बढ़ाएगा। इसके अलावा यह पार्क पूरे देश में विशेष रूप से उत्तरी भारत की एपीआई जरूरतों को भी पूरा करेगा। हिमाचल प्रदेश विज्ञान स्नातकों का केंद्र है और इस पार्क की कुशल जनशक्ति की आवश्यकता को आराम से पूरा करेगा। इसके अलावा, इस परियोजना से संबंधित अन्य सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों जैसे आवास, टाउनशिप, पार्क की वाहन आवश्यकता आदि का राज्य की अर्थव्यवस्था पर गुणक और बहुआयामी प्रभाव होगा। यह पार्क पैकिंग, फार्मा फॉर्मूलेशन इत्यादि विभिन्न गतिविधियों में भी भारी निवेश को आकर्षित करेगा।…

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